Skip to playerSkip to main content
Jitiya Daliya Bharne Ka Time 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार जीवित्पुत्रिका व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. इस साल अष्टमी तिथि 3 अक्टूबर को शुरू होकर 4 अक्टूबर को समाप्त होगी. उदया तिथि के आधार पर 3 अक्टूबर को जितिया व्रत रखा जाएगा. यह व्रत मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से प्रचलित है. नेपाल के कुछ क्षेत्रों में भी इसे जितिया के नाम से मनाया जाता है.Jitiya Daliya Bharne Ka Time 2026: Jitiya Ka Dali Kaise Bhara Jata Hai,Shubh Muhurt...

According to the Hindu calendar, Jitputrika Vrat is observed on the Ashtami Tithi of the Krishna Paksha (dark fortnight) of the month of Ashwin. This year, Ashtami Tithi will begin on October 3rd and end on October 4th. Based on the Udaya Tithi, Jitiya Vrat will be observed on October 3rd. This fast is especially prevalent in Bihar, Jharkhand, and Uttar Pradesh. It is also celebrated as Jitiya in some areas of Nepal.

#jitiya #jitiyalocket #jitiya_vrat #jitiyapuja #jitiyatyohar #jivitputrikavratpujavidhi #boldskyhindi #hindufestivals2026

~HT.318~ED.120~PR.111~VG.HM~
Transcript
00:29जै जिमूत वाहन
00:31जीतिया में बांस की टोकरी या पीतल तामे की ठाली डलिया में संतान के नाम से फल, अनाज और श्रिंगार
00:38की वस्तुए सजाकर भगवान जी मूत वाहन, चील और सियार को अरपत करें, ये डलिया मा की ओर से संतान
00:45की लंबी उम्र और उन्नती के लिए दिया गया एक पावन �
00:48अरपन यानि की भेट है, अब डलिया में डालना क्या क्या है, इसके लिए सबसे पहले कुछ जरूरी सामगरी ले
00:55हैं, भीका या अंकुरत चना, मकई केराव जीतिया का छोटा खीरा, केला, नारियल्स, सेव शरीफा, अमरूद, मौसमीफल, सिंदूर, रोली, अक्षत,
01:05जी
01:18उस पर हल्दी और सिंदूर से पांच या साथ टीका लगाएं, डलिया के नीचे पान के पत्ते, केले के पत्ते,
01:25अनोने का साग बिच्छाएं, सबसे नीचे भीका या अंकुरत चना, मकई और केराव रखें, उसके उपर मौसमीफल, और जीतिया खीरा
01:33सजाएं, उपर ठेक
01:34हुआ मखाना और नारियल रखें, डलिया के उपर सिंदूर लगाई हुई, सरसो की खली, तेल और जीतिया का धागा रखें,
01:42पूजा के समय डलिया में से थोड़ा थोड़ा अंश निकाल कर चील और सियार के नाम से अलग मिट्टी के
01:47ढेले या पत्ते पर रख दें, इसे त
02:03पूजा कर रहे हैं, तो पूजा से पहले डलिया को भर लें, पूजा संपन्न होने के बाद डलिया में रखा
02:10प्रसाद अगले दिन 4 ओक्टोबर को सुर्वदे के बाद पारण के समय बच्चों और परिवार वालों को बाटते हैं, वह
02:18बच्चे हुई सामगरी को आप किसी �
02:21ज़रुत मंद को दान भी कर सकते हैं, फिलहाल अस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेयर करें,
02:27साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें

Recommended