00:00तो जिसको आप धर्मगुरु औगेरा बोलते हैं, वो कहीं से भी आध्यात्मिक नहीं होते हैं, तो परंपरावादी होते हैं, क्याते
00:06हैं पुराने ऐसे चल रहा था हम पुराने समय कही कपड़े पहनेंगे, पुराने जहसी बातें करेंगे, पुरानी ही भाशा में
00:25बोलेंग
00:29इतनी बरबादी और इतनी गरीबी आई इन्हें नहीं समझ में आता है कि वो जो तुमने पुराना काम चला रख्था
00:35था उसी पुराने काम क्यों जैसे भारत बरबाद हुआ ये उसी पुराने भारत को वापस लाना चाहते हैं इनका धर्म
00:40से कोई लिए ने देना नहीं है ये
00:42सब पुरातन पंथी हैं बस इन्हें पुराना समय वापस चाहिए क्यों क्योंकि उस पुराने समय में समाज के कुछ वरगों
00:49को बड़ी मलाई मिली हुई थी खाने के लिए और समाज के वही वरग है फिर जो इन गुरूओं को
00:56हर तरीके से समर्थन देते हैं इनकी फंडिं�
01:15महिलाओं को अध्यात्म के पास से पास आना चाहिए और यह जो पारंपरिक किस्म का लोक धर्म है इससे जितना
01:23दूर हो सकें दूर होकर चलना चाहिए आप उपनिशदों के पास आईए आप भगवद्गीता के पास आईए आप शड़दर्शन के
01:31पास आईए भारत की मनीशा
01:36ने भारत की
01:38चितना ने नजाने कितने
01:40अधभुत ग्रंथ पैदा करें हैं वही वास्तविक
01:42धार में वही वास्तविक अध्यात में
01:44आप उनके पास जाईए
01:46यह सब जो धार उधार अंधविश्वास
01:48की बातें करेंगे जो भूत प्रेद तोना
02:06कुछ मिलना है और यह बस राश्ट्र को भी डुबो करी मानेंगे यह भी जो हमारे परमपरा में बहुत बहुत
02:19अच्छे अच्छे उदारन है
02:19हमारे परमपरा ने हमारे अतीत ने बहुत उचाईयां भी चुई है लेकिन जो यह वर्तमान धर्म गुरुय ने उचाईयों से
02:27प्यार ही नहीं है देखो भारत का बहुत विशाल अतीत रहा है और विस्तृत भूगोल रहा है तो इसमें बहुत
02:36उची बाते भी हैं और बहुत �
02:47कहीं जिसके नाते वो वास्ताव में विश्व गुरु कहलाने का धिकारी हुआ उन उच्छतम बातों की चर्चाई नहीं करते क्योंकि
02:54वो उच्छतम बाते इन्होंने ना कभी खुद पढ़ी है ना इनने कभी समझ में आई है