00:00मैंने जिन्दगी में बहुत जान लगाई है, बहुत जाता जान लगाई है
00:03और ये बात मैं थोड़े यकीन के साथ कह सकता हूं क्योंकि सच मुझ लगाई है, मैं नहीं लगाई है
00:10सारी बाजीना वहीं आके रुख जाती है अंत में
00:13वहाँ और आदमी कुछ नहीं कर सकता वहाँ निहत्था खड़ा है नंगा खड़ा है प्यार है तो है नहीं है
00:21तो नहीं है और तुम होगे ग्यानी होगे कि तुम नेक नियत हो
00:27कि ना तुम्हारा ग्यान काम आता ना तुम्हारी नियत काम आती
00:33ये राज कोई नहीं जानता कि है प्यार तो है और नहीं है तो क्यों नहीं है
00:39तुम बीस साल पचास साल दो साथ रह लो
00:44ये तो प्रेम की बात है उदो
00:48कुछ बाते समझ में ही तभी आती हैं जब वो प्यार होता है
00:51वो बात ना हो तो समझ में भी नहीं आती बात
00:55मैं भी आशा का मरीज हूँ
00:58एक सत्र में चार सो बार पूछता हूँ
01:01बात आ रही है समझ में
01:02जैसे मेरे पूछने समझ में आ जाएगी
01:07एक तो होता है दिल का तूटना जब कुछ बहुत गहराई से चाहा ओपने लिए और ना मिले
01:15और उस से भी ज्यादा गहरा दर्द अनुभाव करना हो
01:20तो कभी बहुत गहराई से चाहना किसी और के लिए
01:25तो देखना कि जब चाहत पूरी नहीं होती है तो भीतर कुछ ऐसे तड़पता है
01:34और तुम बेबस हो लाचार हो अपने व्यक्तिगत जितने भी युद्ध हो सकते हैं तो तुमने जीत लिये
01:42पर किसी दूसरे का दिल कैसे बदल दोगे तुम पत्थर है उस पर कुछ उग नहीं रहा पर तुम उस
01:51पर मुठियां मार रहे हो अब सर फोड़ रहे हो कुछ बदल नहीं रहा क्या करोगे
01:57या तो हट जाओ और अजीब आ सकते हैं नजाने कौन सा मौ है हटा भी नहीं जा रहा तो
02:05नजाने कौन सी आशा है हटाया भी नहीं जा रहा जिनको सिखा रहे हो कि आजाद हो जाओ और खुद
02:13उनी के गुलाम बन गए हो
02:18प्या करें