00:00एक फिल्मी गीत हैं अब वो जिस भी दृष्टि से लिखा गया था पर जहां से मैं उसको सुनराू उसको
00:06सुनिएगा
00:06नदिया चले चले रे धारा, चंदा चले चले रे तारा, तुझको चलना होगा
00:11जीवन कहीं भी ठहरता नहीं है आंधी से तूफा से डरता नहीं है तू न चलेगा तो चल देंगी राहें
00:22मुझदा रही है पार हुआ वो रहा जो सफर में जो भी रुका गिर गया वो भवर में
00:32जो सफर में है वो सफर में रहते ही पार हो जाएगा इसलिए नहीं कि उसे मनजिल मिल जाएगी बलकि
00:39इसलिए क्योंकि सफर में बने रहना ही मनजिल है
00:43सफर में बने रहना ही मनजिल है
00:46और ये सफर ऐसा है जिसमें राह ही हम सफर है
00:49इसमें और किसी साथी की उमीद भी नहीं करनी चाहिए
00:53सफर में बने रहना ही मनजिल है
00:55और जो राह है जो सड़क है वही हम सफर है
00:58उसी के साथ कोई पूछे किस के साथ चल रहे हो
01:00तो क्या बोलना है
01:02रोड के साथ चल रहे है
01:04इसी के साथ कहीं भी जाए ये तो रहती ही है
01:06नाओ तो क्या बह जाए किनारा
01:09बड़ी ही तेज समय की ये धारा
01:12धारा है कभी रुकनी नहीं है
01:15आप ये संकल्ब भी करोगे
01:16कि किसी तरीके से मेरी विक्तिगत धारा रुख जाए
01:18तो आप सफल नहीं हो पाओगे
01:20प्रक्रति है हम बड़ी मा कहते हैं उसको
01:23उसके नियम के विरुद कोई नहीं जा सकता
01:25तुझको चलना होगा
01:27तुझको चलना होगा
01:28तो चलते रहिए