00:00एक पत्नी ने अपने पती की हत्ता कर दी अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसे इस बात का कोई गम
00:06नहीं
00:06समस्या सारी यह है कि हम भी ध्यान तब देते हैं और शोर तब मचाते हैं जब किसी बेचारे की
00:13हत्ता ही हो जाती है
00:14खून बह जाता है, ना, सिर्फ तब हमें लगता है कि कुछ बुरा हो गया, जिस शादी में पत्नी अपने
00:22प्रेमी के साथ मिलकर अपने पती को मार रही है, जब वो शादी हुई थी, तब हमें से किसी ने
00:28गवर नहीं किया कि शायद ये शादी ही गड़गड़े, देखिए हत
00:31हो गई, तो सुर्खियों में आ जाती है, हत्या हमेशा हो ज़रूरी नहीं होता, लेकिन गलत निरणे आपने ले लिया,
00:39तो आपको उसको ढूना पड़ता है बहुत लंबे समय तक, और बाहर बाहर चे लोगों को यही लगे है कि
00:45चल रहा है ठीक है, किसी ऐसे इंसान के साथ
00:49मत जुडिये, जिसको आप पाएं कि वो अपनी निजी जिन्दगी में ही बहुत बिखरा हुआ है, जो अपने ही विचारों
00:57और भावनाओं के प्रती बहुत अंधेरे में है, जो इनसान अपने लिए ही अच्छा नहीं है, वो किसी और के
01:04लिए भी अच्छा नहीं हो सकता, �
01:05भले ही वो कितने भी कसमेवादे उठा ले।