00:00अचार जी मैंने education system को थोड़ा closely देखा है
00:03अगर यही schooling system है और आगे चलके बच्चों को अगर इसी में पढ़ाना है
00:07तो फिर तरीका क्या है बच्चे को screen time नहीं देते हैं कि किताब ही पढ़े
00:11मुझे पता है कि पढ़ाई है ही नौकरी के लिए
00:15तो जो पढ़ाई मुझे नौकरी दिलवाती होगी उतना पढ़ लूँगा
00:21उसमें प्रेम जैसा कुछ नहीं है पढ़ोगे नहीं तो गंदे बच्चे कहला होगे
00:27पढ़ोगे तो शाबाशी मिलेगी पढ़ोगे तो certificate मिलेगा
00:32फिर आगे चल कर पढ़ोगे तो नौकरी मिलेगी बात ये थी कि कुछ बाते
00:37सब कुछ किस लिए था पास करना है पास किस लिए करना था एक दिन
00:50मारेंगे जब तक आपके भीतर जीहन का वो नक्षा खिचा हुआ है जिसको हम कहते हैं
00:59आम जिन्दगी साधारण जिन्दगी तब तक आपके बच्चे पढ़ने नहीं वाले वो एक्जैम्स पास करेंगे पढ़ेंगे कभी नहीं