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पूरा वीडियो: जो जितना निर्भर दूसरों पर, वो उतना चिंतित अपनी छवि को लेकर || आचार्य प्रशांत (2019)
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न तुम में इतना प्रेम नहीं, इतना पौरुष नहीं कि तुम कहो समाज​ से भीख​ थोड़ी माँगेंगे कि लड़की दे दो और तुम्हारी कामवासना तुम ये भी नहीं कहते कि हम​ अगर अपने बूते नहीं ला सकते लड़की तो चलो नहीं ही लाएँगे कामवासना भी फनफनाती है जितना वासना फनफनाएगी उतना तुम जाकर समाज के ठेकेदारों के पाँव​ पकड़ लोगे क्योंकि वही तुमको फिर लड़की दिलवाएँगे ब्याह तो वही कराएँगे न? दुर्बलता सबसे बड़ा दोष है और​ वो भी जब​ जवान आदमी में दुर्बलता दिखे तो उससे विकृत और कुरूप दृश्य तो कोई होता ही नहीं।
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Transcript
00:00अगर मैं सरपंच बन गई तो कुवारे लड़कों की शादी करवा दूंगी
00:04राजस्थान की एक महिला का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वाइरल हो रहा है
00:08जहां उन्होंने सरपंच बन जाने पर लड़कों की शादी करवाने की बात कही
00:13लड़के जब घर में जवान हो जाते हैं, अब व्याह की खुजली उठती हैं, तो दादा और ताओ के प्रति
00:18सम्मान से भर जाते हैं बिलकुल
00:19रोज जाते हैं, रात में दादा के पास तेल लेकर के उसके सोते वक्त मालिश करेंगे
00:24दादा समझ जाता है, कि लड़का विकाबू हो रहा है, रातों पो तेल लेकर भूनता है, जिसने इतनी बड़ी विवश्टा
00:31पाल रखी हो, कि उसको पतनी ही तभी मिलेगी जब समाज के लोग उसकी इज़त करें, तो तो समाज से
00:36डरके ही रहेगा न, तुम में इतना प्रेम
00:38नहीं इतना पौरुश नहीं, कि तुम कहो समाज से भीख थोड़ी मांगेगे कि लड़की दे दो, और तुमारी कामवासना, तुम
00:44ये भी नहीं कहते कि हम अगर अपने बूते नहीं ला सकते हैं रणकी, तो चलो नहीं लाएंगे, कामवासना भी
00:49फन-फनाती है, जितना वा
01:05करत और कुरूब द्रशे तो कोई होता ही नहीं

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