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पूरा वीडियो: धरती की तबाही और इंसान की तबाही — एक साथ होते हैं || आचार्य प्रशांत, आई.आई.टी. दिल्ली (2024)


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वीडियो जानकारी: 14.04.2024, आई. आई. टी. दिल्ली संवाद, दिल्ली

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Transcript
00:00मेरे गार एक किताब आती दी, Competition Success Review
00:03उसमें सारे I.E.S. Toppers के इंटर्वीउ होते थे
00:05और सारे I.E.S. Toppers, 70% उन में से
00:07वो ITN होते थे
00:11मैंने का, I.E.S. बनना है तो IT अच्छा चगे है
00:14तो यही इसलिए लिख रहे हैं
00:15क्योंकि UPSC लिखना है चार साल बात
00:17यह कोई वज़े है
00:19पर ऐसी ही वज़े होती है मारे पास
00:22पर मुझे समय रहते थोड़ा होश आया
00:24मैंने का, एक वज़े हो पर तो जिन्दगी नहीं चलाओंगा न
00:26अब यह सब मिल भी गया है
00:28तो भी सिर्फ इसलिए इसको नहीं ढ़ऊंगा
00:30कि मिल गया है
00:32कोई चीज वेर्थ में अगर मिल भी गई हो
00:35तो क्या इसलिए उसको ले कर गए फिरता रहूं क्योंकि मिल गई है
00:38मिल गई होगी
00:39मैंने नहीं मांगी
00:40अब दिख रहा है कि मेरे लिए नहीं है
00:42तो नहीं है
00:45जब भी पता चले
00:47कि जिन्दगी बेवज़ा है
00:48पूछो अपने आप से
00:50अगर जिन्दगी ही बेवज़ा है
00:52तो बचा क्या रहा हूँ
00:55थोड़ा अपने लिए
00:56तो कम से कम कुछ लालच होना चाहिए
00:58ना बहुत समझ के बोल रहा हूं शब लालच
01:00और सब चीजों के लालच कर देते हैं
01:03जिन्दगी का लालच नहीं करते जिन्दगी योई विर्थ बहती जाए

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