00:07तुम्हारी बहुत बहुत बड़ी काबिलियत है और भीतर तुम्हारे टैंक बैठा हुआ है तो टैंक तुम्हारे भीतर पड़ा रहा जाएगा
00:14जंग खाता हुआ और तुम कभी जान नहीं पाऊगे कितनी ताकत तुम्हारे भीतर थी क्योंकि तुमने चुनाई है कि जिन्द
00:29नहीं करोगे ये मत देखो कि मेरी कावेलियत क्या है ये मत देखो कि मैं खुद से कितनी उमीद रख
00:35सकता हूं कितनी