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वीडियो जानकारी: वेदान्त संहिता - 19.09.2026

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Transcript
00:00फलानी जगे बरात बैठी और उसमें इतने लोग बीमार पड़ गए बाद में दाल में छिपकली निकली
00:09मैं हमेशा सोचता था कि यार एक बात बताओ मरी हुई चीज तो उपर ही उपर तैरती है
00:16ये जब भी ऐसा मामला आता है तो हमेशा पूरा खा चुखने के बाद अंत में नीचे क्यों निकलती है
00:21छिपकली
00:23तो नीचे नहीं थी वो उपर ही थी पर भूग बहुत लगी थी
00:30बढ़ियां खा पी लिया सब कर लिया जब पेट भर जाता है तब फिर तर्क जागरत होता है
00:36मुझे ऐसा लगा कि शायद उसमें चिपकली है जरा देखना और दोनों ने इतना बढ़ियां डूगा भर-भर के दाल
00:46एकदम ग्रहन कर लिये
00:48उसके बाद अब दोनों की बुद्धी जागरत हो रही है कि शायद उसमें गिरगिट तैर रहा है
00:52यह तो पहले नहीं दिख रहा था
00:55तो मैं पहले भी
00:56दिख रहा था
00:59पर क्या खुशबूट रही थी
01:02तब बोले
01:02नहीं नहीं ड्रम स्टिक है
01:05कमल का डंठल है
01:08कई तो
01:08चूस पुरा
01:11अब स्केंडल बना रहे हो
01:13कि धोखा हो गया, यह धोखा हुआ है
01:14सच मुझ धोखा हुआ है
01:18सारे मज़े ले लिए
01:19और फिर जब अब
01:20उन मज़ों की अनिवारे
01:22कीमत चुकानी पड़ रही है
01:25तो क्या बोल रहे हो
01:27मुझे तो इस
01:28विशे के बारे में परहाप्त
01:31जानकारी नहीं थी
01:33इनका नाम मासूम चंद है
01:36इनका नाम
01:37भोली है
01:39मुझे कुछ पता नहीं था
01:48सौदे उल्टे पड़ जाए
01:50तो व्यापारी का धर्म होता है
01:52कि सबसे पहले माने कि
01:54सौदा उल्टा पड़ गया
01:59ये न कहे कि
02:00कोई ठक गया
02:01ये न कहे कि कोई
02:02लूट गया
02:04क्या हुआ
02:06सौदा उल्टा पड़ गया
02:08अब संभावना आए कि
02:10कम से कम आगे वैसा सौदा नहीं करोगे

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