00:03अहूई अश्टीमी का पावन व्रत हर माँ अपने संतान की लंबी उम्र अच्छी सेहत और सुक समृद्धी के लिए रखती
00:09है।
00:30पौराणी कता के मुताबिक गाउं में एक बेहद गरीब बुडिया माई रहती थी। वो भगवान गनेज जी की परम भक्त
00:37थी। वो रोज नियम से गनेज जी की पूजा करती थी। बुडिया माई की भक्ति दे के एक दिन गनेज
00:42जी साक्षात उसके सामने बाल रूप में प
00:57उसने कहा प्रभू मुझे तो मांगना भी नहीं आता मैं कल अपने बेटे और बहु से पूछ कर मांगूँगी।
01:27मांग रहा है और बहु पोता अब वो क्या मांगे जिससे सब खुश हो जाएंगे।
01:57नौ करूड की माया यानी धन देदो, निरोगी काया यानी सेहत देदो, आँखो की रोशनी देदो, अमर सुहाग देदो, बेटे
02:06को राज देदो और बहु को गोद में खेलने के लिए पोता देदो।
02:10बुडिया की ये बात सुनकर गणेजी मुस्कुराए और बोले माई, तूने तो मुझे पूरी तरह से बांध लिया, तूने एक
02:16ही वर्दान में सब कुछ मांग लिया, पर जा, जैसा तूने मांगा है, वैसा ही होगा।
02:23कुछ ही वक्त में बुडिया माई का घर धन्दौलत से भर गया, उसकी आँखे ठीक हो गए और बहु को
02:28सुन्दर बेटा हुआ, पूरा परिवार खुशी-खुशी रहने लगा।
02:32तो दोस्तों जैसे भग्वान करें जी ने उस बुडिया माई की सभी मनुकामनाएं पूरी की, उसकी जोली खुशियों से भर
02:37दी, वैसे ही आहुई अश्टिमी के इस पावन पर्व पर वो आपकी संतान की भी रक्षा करें और आपके घर
02:43को सुख सम्रद्धी से भर दें।
02:45करें पर दें।