00:00मेरे मन में था कि दीपोत्सव है तो फिर दीपावली के दिनी होना चाहिए
00:06था मैंने का छोड़ो अभी दम नहीं एतना बच्चें बिखर जाएंगे
00:16कहिए क्या होता अगर इसको मैंने कल रात को रख दिया होता और और अडिटोरियम उपलब्ध था
00:24चलिए अब जूट बोलने की प्रतियोगिता करते हैं कितने लोग हैं जो कल रात जैसे मैं करता हूं सत्र
00:32कि आपको नौ बज़े बुलाया जाता है दस बज़े बात शुरू होती और एक बज़े तक चलती और बाहर बिलकुल
00:37धूम धाम बम पटाखा
00:38कितने लोग कल हैं आते गोल्ड मेडल किसको दें जूट बोलने में किसको दें
00:54आफ़त को नहीं होता मत दो
00:58अपनी तो जैसे तैसे थोड़ी ऐसे या वैसे खट जाएगी आपका क्या होगा जनाभे आली
01:09जिस दिन आप में इतना दम आ गया उस दिन देखिएगा बहुत धीरच के साथ आपका इंतजार कर रहा हूं
01:16आप वहां तक आईए तो सही फिर जलबे देखिएगा
01:28झाल