00:00आज जरा नौव्ज खाने का मनता
00:02नौवज क्या होता है?
00:03सिद्धे बोलो आज किसी की जान लेने का मनता
00:06आज किसी की गरदन पर शुरी चलाने का मनता
00:08पर ये बात बोलो מא� तो तो तुम्हें ही इच्छा नहीं लगेगा
00:36किसी भी मुर्गे को फाना तुमारे लिए असंभा हो जाए एक मुर्गे से दोस्ती हर्गे देंगे उसके बाद मुर्गा हो
00:43बकरी हो हिरन हो पतक हो सब एक से लगेंगे किसी का मास नहीं थापना हो