00:00मा का जनम पराठे बनाने के लिए हुआ था
00:02तुम तो ग्यान अरजित करो, धन अरजित करो, अमेरिका की फ्लाइट पकड़ो
00:06और मा का गौरव इसमें है कि वो तुमारे लिए खीर पूड़ी बनाए
00:10इस खाने के चक्कर में हमने माओं को बरबाद कर दिया
00:13मा से क्या करवाना है, पूड़ी बहुत अच्छी बनाती है, माचल पूड़ी बना
00:17वो पूड़ी बनाए जा रही है जिन्दगी भर
00:19वो कभी बहारी न आये रसोई से, ये मा का काम है
00:22चाहे बीवी का, चाहे जिसका, जो भी बहन
00:25कोई महिला रसोई की और कम ध्यान दे, तो कहेंगे ये देख कोई
00:29कुल्टा, खाना नहीं बनाती, खाना बना, और कई बार तो पांच्छे अलग अलग तरीके का बनाती
00:35क्यों? क्योंकि सहसुर जी को डियाबटीज है, तो उनके लिए बिना शक्कर का
00:40और बिना चावल का, उनके लिए अलग तरह का बनाना है, सास को गठिया है तो उनके लिए अलग तरीके
00:46का बनाना है, छोटे बच्चे हैं, उनके लिए कुछ और बनाना है, जवान लड़का है, वो स्वाद मांगता है, उसके
00:52लिए अलग बिर्यानी बनानी है, तो तीन द�
01:09जबान को बहुत चटोरा बनाओ मत