00:00भारत में बैठे हम ये ना सोचें कि ये सिर्फ हमारे पडोसी भर की तरह सदी है
00:06ज़रा नक्षा देखिए
00:09त्रिशूली नदी तिबबत से निकलती है
00:12नेपाल से हुगर के गुजरती है
00:14और फिर नारायनी बनकर जिसे हम अपने यहां गंडक के नाम से जानते है
00:19सीधे बिहार में उतरती है और अंततह हमारी गंगा में मिल जाती है
00:25वही गंडक जिसकी नहरे बिहार और उत्तर प्रदेश के लाखों एकड खेतों को सीचती है
00:33वही गंडक जिसके किनारे वालमी की नगर बैराज खड़ा है हमारा
00:39जो जल आज रसुआ में तबाही बनकर उतरा है
00:44वही जल कल हमारे खेतों की सिचाई है
00:48हमारे घाटों की आरती है
00:50जो हिमालय का ग्लेशेर तूटता है
00:53तो उसकी गाद बिहार की नदियों को उतला करती है
00:58और उतली नदी हर मौनसून में और भैंकर बाढ़लाती है
01:04बिहार पहले से ही भारत का सबसे ज़्यादा बाढ़ पीडित राज्य है
01:10और उसकी अधिकांश बाढ़े नेपाल से उतरने वाली इन ही नदियों से आती है
01:16यानि त्रिशूली कोई बाहरी विदेशी नेपाली नदी नहीं है
01:21वो गंगा की भुजा है
01:25हिमाले में जो घाव लगता है न उसका रक्त मैदानों में बहता है
01:31भारतीय मैदानों में