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वीडियो जानकारी: 04.09.2026, श्रीमद्भगवद्गीता

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Transcript
00:00हमारे get-togethers होते हैं बीच-बीच में
00:02कभी IIT का, कभी IAM का
00:04कभी silver jubli हो रही है, कभी कुछ हो रहा है
00:07कभी एक batch का, कभी किसी शहर में
00:10जितनी भी batches हैं सब लोग आ जाओ भई
00:12जानते हो उसमें सबसे कम कौन लोग आते हैं
00:14कि ये कभी दिखाई नहीं देते
00:17जो campus में high achievers थे
00:19वो नहीं आते, पताओ क्यों नहीं आते
00:22क्योंकि दसवी में अच्छे से
00:24पोड़ा-फाड़ा बोर्ड के नंबर ले आ दिये
00:26फिर बारवी में भी नंबर ला लिये
00:28फिर पहले ही attempt में जे ही clear कर दिया
00:30उसमें भी rank अच्छी ला ली
00:32उसको यहाद campus गए, वहाँ CGPA है
00:34departmental rank है
00:35फिर कहीं
00:38master's के लिए 100% scholarship पर
00:40admission भी मिल गया
00:42MIT में मिल गया
00:43सब कुछ ऐसा है कि हम तो जहाँ
00:46हाथ रखते हैं, बस हासिल कर लेते हैं
00:48इससे अपने भीतर
00:50क्या आ गया? भरोसा आ गया
00:52भरोसा ही नहीं आ गया
00:53वो भरोसा पहचान बन गया
00:56जिन्दगी तो ऐसी चीज़ है नहीं
00:58कि जो तुम चाहो वो तुमको लाके दे ही दे
01:01तुम जो लक्षे ही तै कर रहे हो
01:03उसको तै करने की probability भी
01:05realistic होनी चाहिए
01:07और probability realistic हो भी
01:08तो भी यह नहीं पता होता कि
01:11प्रोबिलेटी ठीट ठाटी
01:120.4 यह कोई बहुत बुरी probability नहीं है
01:15लेकिन यह भी हो सकता है कि
01:17जिस event की probability 0.4 हो
01:19उसको भी हासिल करने में
01:20500 attempt लग जाएं यह भी होता है
01:22यह तो सालहरन सयोग है
01:24रंडमनेस है अब campus में
01:26आप इतने नामचीन थे
01:29एकदम बादशाह बहादूर
01:30अब जिन्दगी में उतना कुछ हासिल करने ही पाए
01:33तो फिर आप अपना मूँ दिखाने से भी कतर आते हो
01:36इसका मतलब यह नहीं कि आपको अकल आ गई है
01:38इसका मतलब यह कि आप अभी भी वही हो
01:40जिसे और हासिल करना है
01:42और आपको अफसोस ही है कि जो कुछ हासिल करना है
01:45वो मैं हासिल नहीं कर पाया
01:47तो इसलिए अब मैं शर्मिंदा हूं खुद से ही
01:50मैं जाकरके अपने दोस्तों अपना मूँ नहीं दिखा सकता
01:53क्योंकि उन्होंने मुझे हमेशा एक विनर की तरह देखा है
01:56पर मेरी entrepreneurship डूब गई या मैं entrepreneurship कभी करी नहीं पाया
02:02या मैं उतने बड़े brands में काम नहीं कर रहा हूं जितने बड़े brands मेरे पास होने चाहिए थे
02:07या मैंने जो property खुरी दिया अमेरिका में वो उतनी बड़ी नहीं है जितनी दूसरों की है
02:11तो मैं क्या करूँगा? सामनी नहीं आऊँगा

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