00:00चंडमुंड देवी के पास जाते हैं तो तो मुस्कुरा रही हैं
00:04तो यह सब जो है अपने अस्तर निकाल करके
00:07और बहुत उद्धंडता पूरुवक देवी के उपर उसको सामने आके वो बैठी हुई थी
00:12अपने अस्तर लेके जो ऐसे खड़े हो गए अस्तर निकाल करण उनका मुख काला पड़ गया
00:29ललाट में भुएं टेड़ी हो गई और फिर विकराल मुखी काली पर कट हुई
00:34मुख कैसा हो गया तो किसलिए आप काली देवी को जब हमश्चेति हो तो कैसा उनका होता
00:42वंण चितरन कैसा होता है क्रोध में वह क्रोधित आप और वह काला रंग यओ क्रोध गया
00:48यही प्रक्रति है और इसके कोप का कोई अंत नहीं यह इतनी क्रोधित हो सकती है यह आपको कहीं का
00:56नीज़ू
00:57प्रक्रति का क्रोध किन रूपोन प्रकट होता है बाण, दावानल, भूकम और महामारी और क्लाइमेट चेन जलवायु परिवर्तन