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अहोई अष्टमी का पर्व संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन मथुरा के प्रसिद्ध राधा कुंड में आधी रात को स्नान करने की विशेष परंपरा है। मान्यता है कि अहोई अष्टमी की मध्यरात्रि में राधा कुंड में स्नान करने से निःसंतान दंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है और सूनी गोद भरने की मनोकामना पूरी होती है। लेकिन आखिर राधा कुंड में स्नान करने की यह परंपरा क्यों शुरू हुई? क्या है राधा कुंड की पौराणिक कहानी और भगवान श्रीकृष्ण-राधा रानी से इसका क्या संबंध है? जानिए अहोई अष्टमी पर राधा कुंड स्नान का धार्मिक महत्व और इससे जुड़ी पूरी पौराणिक कथा।

Ahoi Ashtami is an important Hindu festival dedicated to the well-being, long life and prosperity of children. On this auspicious occasion, devotees visit the sacred Radha Kund in Mathura and take a holy dip at midnight. According to religious beliefs, taking a dip in Radha Kund on Ahoi Ashtami is associated with the blessing of parenthood for childless couples. But why is this midnight bathing ritual so special? What is the mythological story behind Radha Kund, and how is it connected to Radha Rani and Lord Krishna? Watch the video to discover the religious significance, history and fascinating legend of Radha Kund.

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Transcript
00:03अहोई अस्टमी का दिन हर्मा के लिए बहुत ही खास होता है इस दिन माताएं तिन भर नर्जला उपवास रखकर
00:10आपने बच्चे की लंबी उम्र अच्छी सिहत और तरक्की की प्रात्ना करती हैं
00:15इस सल अहोई अस्टमी का वरत एक नमंबर को रखा जाएगा ये वरत महिलाएं इस दिन अहोई माता की पूजा
00:23का विधान है लेकिन उत्तरप्रदेश के मत्राजिले में स्थित कोवरधन का राधा कुण इस रात एक अलगी आस्था और उमीद
00:32का गवाव बनता है
00:33दरसल 1 नमंबर 2026 को अहोई अस्टमी के मौके पर यहां एक विशाल मेला लगने जा रहा है जहां देश
00:40के कोने कोने से हजारों निसंतान दामपत्ती अपनी सूरी गोद भरने की आस लेकर पहुचते हैं
00:47धार्मिक मानेताओं के अनुसार अहोई अस्टमी की मध्य रातरी में राधा कुण में पवित्र जल से सनान करने से निसंतान
00:56जोडों को संतान सुक्की प्राप्ती होती है
00:58लोगों का ऐसा मानना है कि कुण में मौजूद किसी भी तरह का संतान दोश या जीवन में आ रहे
01:06रुकावटे इस एक सनान से दूर हो जाती हैं
01:10वहीं जिन लोगों के पहले से बच्चे हैं वो भी अपने बच्चे के उज्वल भविश्य और खुशाली के लिए यहां
01:18हाजरी लगाते हैं
01:19इस परंपरा के पीछे द्वापरियुक की एक रोचक कथा जूड़ी है जब भगवान श्रीकिष्ण ने कंस के भेजगए असूर अरिस्टासूर
01:28का वद किया था तो राधा रानी ने उनसे कहा कि उन्होंने गोवन्ष का वद किया है इसलिए उन्हें प्राश्चित
01:36करना च
01:40खोदा और सभी तीर्थों के पावन जल को उसमें पुलाया राधा जी ने भी पास में ही अपने कंगन से
01:47राधा कुंड तेयार किया दोनों कुंड के बनने के बाद भगवान कृष्ण ने राधा कुंड को ये वर्दान दिया कि
01:54कारति कृष्ण पक्ष की अस्टमी की आधी
02:10और पत्नी एक साथ हाथ पकड़ कर डुपकी लगाते हैं तो उनकी सूनी गूद भर जाती है
02:16उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
02:18फिलहाल हमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेरन चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले

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