Skip to playerSkip to main content
पूरा वीडियो: माँ का मर्म समझें — पर्व को तमाशा न बनाएँ || आचार्य प्रशांत, नवरात्रि पर (2025)

➖➖➖➖➖➖
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
वीडियो जानकारी: 21.09.2025, ग्रेटर नोएडा

#AcharyaPrashant #Nature #MotherNature #EnvironmentalProtection #AnimalRights #Veganism #ClimateChange #NatureConservation #Compassion #EnvironmentalAwareness

Category

📚
Learning
Transcript
00:00जन भी वही देती हैं, मृत्यू भी वही देती हैं और मुक्ति भी वही देती हैं
00:05वो कितनी बड़ी हैं? वो ब्रहमांड जितनी बड़ी हैं
00:07एक-एक कोशिका मा हैं, जरम भी वही हैं, मृत्यू भी वही हैं
00:12तुम जो कुछ भी सोच सकते हो, वो सब माही है, तब कुछ माही माही है विठा, पूरा ब्रामांड वही
00:18है, प्रक्रती ही है सिर्फ और क्या है, यह असरों का काम था कि उन्होंने प्रक्रती पूरी बरवाद कर रखी
00:24थी, और मा प्रक्रती ही है, और प्रक्रती के साथ छेड�
00:38करना चाहता है प्रक्रति के माध्यम से अपनी मनोकामना पूरा करना चाहता है भोगना चाहता है उसका आस्वरों जैसा हाल
00:45होता है मारा जाता है

Recommended