00:00अरे भाई ये कहां जा रहे हो? समंदर की तलाश में जा रहा हूँ
00:04अरे भाई समंदर जैसी कोई चीज नहीं होती सब अफवा है
00:10आपके दिल में अगर आजादी हो तो आप मरना कुबूल कर लेंगे कैद होना नहीं
00:14पक्षी कैद तब होता है जब आस्मान उसके अपने दिल से दूर हो जाए
00:21आजादी बाहर मेँं है आजादी भीतर है जो भीतर से आजाद है बाहर से उसको गुलाम बनाना असंभव है
00:28तो प्रान त्याग देगा
00:29मन को ऐसा कर लीजिए
00:31वो सब्ते के सिवा
00:33मुक्ते के सिवा
00:34किसी और से राजी ही न हो
00:36मन ऐसा कर लीजिए
00:38कि उसके भीतर
00:39गुलामी के प्रति जो आकरशन है
00:41तो बिल्कुल शून ने हो जाए