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वीडियो जानकारी: संत सरिता - 27.09.2026

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Transcript
00:00आपको कोई नहीं मिला आज तक जिसको आप बोले बहुत ही जलीर आदमी हो तुम और उसको बोल रहे हैं
00:17कि गंदे आदमी, जलीर आदमी, बत्तमीज आदमी और इससे उसको और उत्तेजना बढ़ रही है, नहीं मिले आँकार कुछ भी
00:23खा सकता है
00:25बताओ फिल्मों के नाम क्यों है, लोफड फिल्म का नाम है, यो हैं पताओ ना, गुंडा फिल्म का नाम है,
00:31डॉन फिल्म का नाम है, अब डॉन कहा जाना अच्छा भी तो लग सकता है, वास्तों में आपसे कहा जा
00:37रहा है आप रादी हो, लेकिन अच्छा लग रहा है कि नही
00:42अच्छा लगता है कईयों को
00:44कमीने
00:46खलनायक
00:46और वो खुले में बोल रहा है नायक नहीं
00:50खलनायक हूँ मैं अच्छा लग रहा है
00:51मैं बुरा हूँ
00:52अच्छा कहलाना हंकार की खुराग बनता है
00:56बुरा कहलाना और दबरदस्ट खुराग बनता है
00:59तो counter culture के चक्कर में वो मत बन जाना कि तुम सब अच्छे अच्छे लोग हो
01:05सहाव हम तो बुराई वाले हैं
01:08वो मत बन जाना
01:09नायक बनने में अगर मुक्ति नहीं है तो
01:11खल नायक बन जाने में भी कोई मुक्ति नहीं है
01:15ग्रहस्त बने रहने में मुक्ति नहीं है तो हिप्पी बन जाने में भी मुक्ति नहीं है
01:20वो बाबा जी वाला ब्रहमचर्य की कभी किसी स्त्री को पुरुष को छूना नहीं है उसमें मुक्ति नहीं है
01:25तो रोज इधर उदर जा करके
01:28सेक्स करने में भी मुक्ति नहीं मिल जानी है
01:31कि बाबा जी
01:32का मज़ाग बनाते बनाते हमने
01:34का हाँ अचारी जी कहते हैं उबाबा जी वाला
01:36जो ब्रामचर रे वो बिलकुल वीरत है
01:38यो बस नाड़ा भानते रहते हैं हर समय
01:41तो जरूर अच्छाई उसके विपरीत में होगी
01:44विपरीत क्या है?
01:46सीरियल सक्षूल एक्टिविटी
01:48सुबा, शाम, दिन, राज, दो पर
01:51नहीं भाई
01:53ना इधर, ना उधर
01:56नेती, नेती
01:58बात आ रही है समझ में?

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