00:00बंटी की मम्मी, बहु से कह दो, मेरे सामने पल्लू रखा करे
00:06आपको इतना क्या डर लगता है लड़की की देह से की पूरा ढखे दे रहे हो उसको
00:11फिर आप कहतो ढख के रखो, ढख के रखो, कहतो संस्कार की बात है ढख के रखो
00:15हमेशा ढख कर रखा करो इसको, परिवार की इज़त का सवाल है
00:46अपनी महिलाओं को हमने इस सब को बस मास का पिंड बना दिया है
00:50मास है, मास है, वास्तविक धर्म ये नहीं होने देता है
00:54वास्तविक धर्म कहता है कि रखी हो कि रखा हो, तुम इनसान हो
00:57एक चितना हो तुम जिसका दायत तो है और अधिकार है
01:01कि वो आस्मान की उचाई हासिल करे